घर में जब कोई बार-बार खांसी-ज़ुकाम की चपेट में आता है, तो पहला सवाल यही उठता है: "इसकी इम्यूनिटी कमज़ोर है क्या?" और फिर शुरू होता है नुस्खों का दौर। कोई काढ़ा पिलाता है, कोई टैबलेट लाने को कहता है।
सच यह है कि इम्यूनिटी रातों-रात नहीं बनती, और किसी एक चीज़ से भी नहीं बनती। यह रोज़ की छोटी-छोटी आदतों का नतीजा है। चलिए, सीधी भाषा में समझते हैं।
इम्यूनिटी क्या है और कमज़ोर क्यों पड़ जाती है? (Immunity Kaise Badhaye से पहले यह समझें)
इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता आपके शरीर की अपनी सुरक्षा व्यवस्था है। यह वायरस, बैक्टीरिया और दूसरे कीटाणुओं को पहचानकर उनसे लड़ती है।
यह कमज़ोर तब पड़ती है जब नींद पूरी नहीं होती, खाना ठीक नहीं होता, तनाव लंबे समय तक बना रहता है, या शरीर में विटामिन और आयरन जैसी चीज़ों की कमी हो जाती है। उम्र बढ़ने, डायबिटीज़ जैसी बीमारियों और कुछ दवाओं का असर भी पड़ता है।
एक बात पहले ही साफ़ कर दें: "इम्यूनिटी बूस्ट" करने का कोई जादुई तरीका नहीं है। लक्ष्य है शरीर को वे चीज़ें देना, जिनसे उसका सिस्टम ठीक से काम कर सके।
इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं: 10 आसान तरीके
1. पूरी नींद लें
हमारा शरीर जब हम सोते हैं तो खुद को ठीक करता है । जो लोग प्रतिदिन केवल 5-6 घंटे सोते हैं वे संक्रमणों के प्रति ज़्यादा संवेदनशील होते हैं । वयस्कों के लिए सामान्यतः सात से आठ घंटे की नींद की सिफारिश की जाती है । नींद लेने और जागने का एक नियमित कार्यक्रम बनाए रखें ।
2. संतुलित खाना खाएं
अपनी प्रतिरक्षा बढ़ाने का पहला कदम आपके प्लेट में है । अपने दैनिक आहार में मसूर, हरी सब्जियाँ, मौसमी फल, पूरे अनाज, दही और कुछ सूखे मेवे शामिल करें । अगर आपके आहार में प्रोटीन की कोई कमी है तो आपका शरीर प्रभावी ढंग से एंटीबॉडी नहीं बना पाएगा । पैकेज्ड स्नैक्स और जंक फूड से बचें ।
3. विटामिन C वाले फल खाएं
आम , नारंगी, नींबू,पपीता और केला ऐसे फलों में से कुछ हैं जिनमें विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है । वास्तव में आम आम तौर पर नारंगी से ज़्यादा विटामिन सी की मात्रा रखते हैं । आप इन्हें अपने दैनिक भोजन में आसानी से शामिल कर सकते हैं तो फिर इनका क्यों न आप प्रयास करें?
4. रसोई के मसालों का इस्तेमाल करें
हल्दी, अदरक, लहसुन और तुलसी हमारे घरों में पीढ़ियों से इस्तेमाल हो रहे हैं। ये खाने को सेहतमंद बनाते हैं, और सर्दी-ज़ुकाम में गले को आराम भी देते हैं। लेकिन इन्हें इलाज न समझें। ये खान-पान का हिस्सा हैं, बीमारी की दवा नहीं।
5. रोज़ थोड़ी कसरत करें
रोज़ 30 मिनट की तेज़ चाल की सैर, साइकिल, योग या तैराकी काफ़ी है। नियमित हल्की-फुल्की कसरत करने वालों में संक्रमण की संभावना कम देखी गई है। हां, ज़रूरत से ज़्यादा थकाने वाली कसरत उल्टा असर कर सकती है।
6. धूप से विटामिन D लें
हैरानी की बात है कि भारत में धूप भरपूर होने के बावजूद विटामिन D की कमी आम है। दफ़्तर और घर के अंदर रहने वाली जीवनशैली इसकी बड़ी वजह है। रोज़ थोड़ी देर सुबह की धूप में रहना फ़ायदेमंद है। लेकिन कमी का पता जांच से ही चलता है, और सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से ही लें।
7. पर्याप्त पानी पिएं
पानी शरीर से गंदगी बाहर निकालने और गले-नाक की परत को नम रखने में मदद करता है। दिनभर में ज़रूरत भर पानी पिएं, और गर्मी या कसरत वाले दिनों में थोड़ा ज़्यादा।
8. तनाव को संभालें
अत्यधिक तनाव आपके शरीर के हार्मोन को बिगाड़ता है और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमज़ोर बनाता है। प्रतिदिन 10-15 मिनट प्राणायाम,ध्यान,संगीत सुनने या अपने परिवार के सदस्यों से बात करने में लगाएं। अगर तनाव और अवसाद जारी रहे तो डॉक्टर से मिलने में हिचकिचाएं नहीं।
9. धूम्रपान और शराब से दूर रहें
धूम्रपान आपके फेफड़ों की सुरक्षात्मक परत को नष्ट करता है जबकि शराब का अधिक सेवन आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमज़ोर बनाता है। यह बंद करना मुश्किल है लेकिन यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए सबसे बड़ी चीज़ों में से एक है।
10. सफ़ाई रखें और टीके समय पर लगवाएं
खाना खाने से पहले और बाथरूम जाने के बाद साबुन से हाथ धोना आपकी सुरक्षा का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। इसके अलावा टीकाकरण भी प्रतिरक्षा का एक हिस्सा है। सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे समय पर टीकाकरण कराएं और वयस्कों के लिए फ्लू और हेपेटाइटिस बी के टीकाकरण के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।
Immunity Power Kaise Badhaye: बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए ख़ास बातें
बच्चों की प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाना हर माता-पिता के लिए जानने की बात है कि कैसे ऐसा करना है। ताजा घर पर बना खाना,पर्याप्त नींद,बाहर खेलना और टीकाकरण बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली के अच्छे बढ़ावे के रूप में माना जा सकता है। अपने बच्चे को कोई भी विटामिन या सिरप देने से पहले एक पेडियाट्रिशियन से सलाह लें।बुजुर्गों में उम्र बढ़ने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली में कुछ कमी आती है। प्रोटीन से भरपूर आहार,कुछ व्यायाम और विटामिन B12 के स्तर की जाँच साथ ही प्नेमोनिया और इन्फ्लूएंजा के टीके भी मददगार हो सकते हैं।
इम्यूनिटी बूस्टर टैबलेट और पाउडर: कितने काम के?
यह आम ज्ञान है की बहुत सारे उत्पाद है जो दावा करते है की वे आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ा सकते है लेकिन अगर आपकी सभी आहारिक आदतें अच्छी है तो चाहे वह सामान कितना भी महंगा क्यों ना हो फिर भी आप उन उत्पादों से कोई फायदा नहीं उठा पाएंगे । यह हो सकता है की अत्यधिक विटामिन और जड़ी-बूटियों का सेवन नुकसानदेह हो सकता है खासकर जब आप कुछ दवाएं ले रहे होते है । आपको पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए की आपके शरीर में किसी भी प्रकार की कमी तो नहीं है ।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय से पहले कौन-सी जांचें करवाएं?
अगर आप बार-बार बीमार पड़ते हैं, तो ये जांचें एक अच्छी शुरुआत हो सकती हैं:
- CBC (कम्प्लीट ब्लड काउंट): हीमोग्लोबिन और सफ़ेद रक्त कोशिकाओं की स्थिति देखने के लिए
- विटामिन D और विटामिन B12: दोनों की कमी बहुत आम है
- आयरन और फेरिटिन: शरीर में आयरन के भंडार का पता चलता है
- ब्लड शुगर और HbA1c: डायबिटीज़ में संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है
- थायरॉइड जांच (TSH): थकान और बार-बार बीमारी की एक वजह यह भी हो सकती है
कौन-सी जांच आपके लिए ज़रूरी है, यह डॉक्टर आपके लक्षण देखकर तय करेंगे।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
इन हालात में सिर्फ़ घरेलू उपायों के भरोसे न रहें:
- बार-बार या लंबे समय तक चलने वाले संक्रमण
- कई दिन से बुखार जो उतर नहीं रहा
- बिना वजह वज़न गिरना
- हर समय थकान और कमज़ोरी
- घाव का देर से भरना
इनके पीछे कोई और बीमारी भी हो सकती है, जिसका इलाज ज़रूरी है।
आख़िरी बात
Immunity kaise badhaye, इसका जवाब किसी पैकेट में नहीं मिलता। यह नींद, खाने, कसरत और सफ़ाई जैसी बातों से धीरे-धीरे बनता है। आज दो-तीन आदतें चुन लें और उन पर टिके रहें। छह महीने बाद फ़र्क़ ख़ुद महसूस होगा।
अगर डॉक्टर ने CBC, विटामिन D, विटामिन B12 या पूरा हेल्थ चेकअप सुझाया है, तो Dr. B. Lal Clinical Laboratory (NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब) कई शहरों में घर से सैंपल कलेक्शन की सुविधा के साथ ये जांचें उपलब्ध कराती है।




